प्राचार्य की कलम से
डॉ० कृष्ण मुरारी पाल
आपको यह बताते हुए हर्ष की अनुभूति हो रही है कि यह महाविद्यालय 01 जुलाई 2026 से अपने अठारहवीं शैक्षणिक सत्र में प्रवेश करने जा रहा है । नूतन सत्रारम्भ के अवसर पर हम, सभी सुधी छात्रों, अभिभावकों एवं अध्यापकों को बधाई देते हुए आशा करते हैं कि उनका स्नेह और सहयोग हमें आगे भी प्राप्त होता रहेगा ।
गुणवत्तायुक्त शिक्षा, बेहतर अनुशासन हमारी प्राथमिकता रही है। अध्ययनरत छात्र/ छात्राओं के व्यक्तित्व के सर्वागीण विकास हेतु शिक्षणेत्तर गतिविधियों के संचालन में हमारा यथासंभव सहयोग रहा है। इस क्रम में क्रीड़ा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, वाद-विवाद, निबन्ध प्रतियोगिता के आयोजन के साथ ही साथ एन॰ एस॰ एस॰ की सक्रिय इकाइयाँ अहम भूमिका निभा रही हैं।
आज के परिवेश में कम्प्यूटर की बढ़ती उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए निःशुल्क कम्प्यूटर की सुविधा विगत वर्ष से ही महाविद्यालय में उपलब्ध करा दी गयी है। विद्यार्थियों के बहुआयामी व्यक्तित्व के विकास के लिए कुशल, योग्य एवं अनुभवी प्राध्यापकों द्वारा महाविद्यालय में नियमित कक्षाएं ली जाती हैं । आमंत्रित विद्वानों, प्रोफेसर तथा विषय विशेषज्ञों द्वारा विशेष व्याख्यान भी दिये जाते हैं ।
पूरे सत्र में आयोजित प्रतियोगिताओं में चयनित विद्यार्थियों को, तथा वार्षिक उत्सव में सर्वाधिक अंक पाने वाले संस्थान के मेधावी विद्यार्थियों को आगामी दो वर्षों तक निःशुल्क प्रवेश की सुविधा दी जाती है एवं निर्धन छात्र-छात्राओं के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजना इस सत्र से प्रारम्भ की जायेगी।
अपनी सम्पूर्ण ऊर्जा के साथ इस संस्था से जुड़कर मैंने यह महसूस किया है कि यहाँ प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है इन्हें अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का उचित अवसर देने की । सत्र 2013-14 में इस महाविद्यालय की छात्रा "कु० सोनी कन्नौजिया" ने स्नातक कला वर्ग में दी०द०यू०गो० विश्वविद्यालय स्तर पर सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया तथा सत्र 2016 में "कु० श्रुति यादव" ने स्नातक कला वर्ग में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर न केवल इस महाविद्यालय के गौरव को बढ़ाया अपितु महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को पुष्ट भी किया है ।
इसके अतिरिक्त महाविद्यालय में साहित्य परिषद का गठन किया गया है, जिसके माध्यम से पूरे सत्र में विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है । हमने अनुभव किया है कि ग्रामीणाचल में स्थित मेधावी छात्र/छात्राएँ अर्थाभाव या उचित मार्गदर्शन के अभाव में प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं ।
इस सत्र से हमारा प्रयास होगा कि प्रत्येक छात्र/छात्राओं को करियर के बारे में उचित जानकारी दी जाए, जिससे यहाँ के विद्यार्थियों को वह सभी सुविधाएँ प्रदान करायी जाएँ जिससे उनका जीवन और भविष्य बेहतर हो सके । विगत सत्रों के सफल संचालन में सहयोग के लिए संस्था के प्रबंधतंत्र, प्राध्यापक एवं प्राध्यापिकाओं, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों, अध्ययन करने वाले छात्र / छात्राओं एवं अभिभावकों का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, वे निश्चित रूप से साधुवाद के पात्र हैं।